ईद का त्योहार

पुस्तक समीक्षा

लेखक : मुंशी प्रेमचंद

प्रकाशक : नया साहित्य

क़ीमत : 45 रुपए

आयु वर्ग : 5 +

हिंदी कहानियों को पढ़ने का अलग ही आनंद हैं और मुंशी प्रेमचंद की हर कहानी बहुत अनूठी है। उनकी गिनती सर्वश्रेष्ठ लेखकों में की जाती है। बहुत ही छोटी उम्र से उन्होंने कहानियाँ लिखना शुरू किया और कई उपन्यास भी लिखे ।

ईदगाह या ईद का त्योहार उनकी एक अत्यंत प्यारी रचना है जिसने उन्होंने एक पाँच साल के अनाथ बच्चे हामिद की कथा बयान की है जो अपनी दादी अमीना के साथ रहता है। कहनी की शुरुआत ईद के त्योहार से होती है। हामिद यह ईद कैसे मनाएगा । वह क्या तोहफ़े ख़रीदेगा या फिर इस बार वो कुछ नया करेगा ।

इस कहनी को कई प्रकाशकों ने प्रकाशित किया है। छोटी व बड़ी दोंनो किताबें मिल सकती है। बच्चों को कहनी बेहद पसंद आएगी क्यूँकि इसमें बड़ों के प्रति आदर सम्मान और प्रेम दर्शाया है। किस तरह बच्चे अपने घर के बड़ो को देखते हैं कितना कुछ समझते हैं और अपने आस पास के माहौल से कितना कुछ सीखते हैं।

इस कहनी से बच्चे – प्यार, अपनापन, त्याग, आदर भाव, समझदारी , मिल बाँट के रहना और बहुत कुछ सीखेंगे।

भाषा सरल है।

ज़रूर पढ़ें ।

⭐️⭐️⭐️⭐️

आकांक्षा दत्ता

3 thoughts on “ईद का त्योहार”

  1. Very well concluded Akanksha
    This story shows the bond of love in family which is the foundation of success n happiness

    Like

  2. आकांक्षा आप ने ईदगाह के बारे में जो लिखा वह सच है। मुंशी प्रेमचंद जी को यदि बच्चे पढ़ेंगे तो क्लासिक कहानियों की जानकारी मिलेगी और अच्छे संस्कार आपने आप आ जाऐगे। आप का यह प्रयास सराहनीय है।

    Like

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  Change )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  Change )

Connecting to %s